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Thursday, February 28, 2019

*मृत्यु*

*मृत्यु*

जब कोई इंसान इस दुनिया से विदा हो जाता है तो उसके कपड़े, उसका बिस्तर, उसके द्वारा इस्तेमाल किया हुआ सभी सामान उसी के साथ तुरन्त घर से निकाल दिये जाते है।
पर कभी कोई उसके द्वारा कमाया गया धन-दौलत. प्रोपर्टी, उसका घर, उसका पैसा, उसके जवाहरात आदि, इन सबको क्यों नही छोड़ते?
बल्कि उन चीजों को तो ढूंढते है, मरे हुए के हाथ, पैर, गले से खोज-खोजकर, खींच-खींचकर निकालकर चुपके से जेब मे डाल लेते है, वसीयत की तो मरने वाले से ज्यादा चिंता करते है।
इससे पता चलता है कि आखिर रिश्ता किन चीजों से था।
इसलिए पुण्य परोपकार ओर नाम की कमाई करो।
इसे कोई ले नही सकता, चुरा नही सकता। ये कमाई तो ऐसी है, जो जाने वाले के साथ ही जाती है।

हाड़ जले ज्यूँ लाकड़ी, केस जले ज्यूँ घास।
कंचन जैसी काया जल  गई, कोई न आयो पास।
जगत में कैसा नाता रे।
 🙏🤔🙏😳🙏🙀🙏😰🙏

एक भंवरे की मित्रता एक गोबरी

👍 एक भंवरे की मित्रता एक गोबरी (गोबर में रहने वाले) कीड़े से थी ! एक दिन कीड़े ने भंवरे से कहा- भाई तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो, इसलिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ!

भंवरा कीड़े के यंहा भोजन करने पहुँचा! बाद में भंवरा सोच में पड़ गया- कि मैंने बुरे का संग किया इसलिये मुझे गोबर खाना पड़ा!

अब भंवरे ने कीड़े को अपने यहां आने का निमंत्रन दिया कि तुम कल मेरे यहाँ आओ!

अगले दिन कीड़ा भंवरे के यहाँ पहुँचा! भंवरे ने कीड़े को उठा कर गुलाब के फूल में बिठा दिया!

कीड़े ने पराग रस पिया! मित्र का धन्यवाद कर ही रहा था कि पास के मंदिर का पुजारी आया और फूल तोड़ कर ले गया और बिहारी जी के चरणों में चढा दिया!

कीड़े को ठाकुर जी के दर्शन हुये! चरणों में बैठने का सौभाग्य भी मिला!

संध्या में पुजारी ने सारे फूल इक्कठा किये और गंगा जी में छोड़ दिए!

कीड़ा अपने भाग्य पर हैरान था! इतने में भंवरा उड़ता हुआ कीड़े के पास आया, पूछा-मित्र! क्या हाल है?

कीड़े ने कहा-भाई! जन्म-जन्म के पापों से मुक्ति हो गयी! ये सब अच्छी संगत का फल है!

   संगत से गुण होत है, संगत से गुण जाए
   लोहा लगा जहाज में ,  पानी में उतराय!

कोई भी नही जानता कि हम इस जीवन के सफ़र में एक दूसरे से क्यों मिलते है।

सब के साथ रक्त संबंध नहीं हो सकते परन्तु ईश्वर हमें कुछ लोगों के साथ मिलाकर अद्भुत रिश्तों में बांध देता हैं।

हमें उन रिश्तों को हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

*पुण्यों का मोल*

*पुण्यों का मोल*

🙏🏻🚩🌹   👁❗👁   🌹🚩🙏🏻

एक व्यापारी जितना अमीर था उतना ही दान-पुण्य करने वाला, वह सदैव यज्ञ-पूजा आदि कराता रहता था।

एक यज्ञ में उसने अपना सबकुछ दान कर दिया। अब उसके पास परिवार चलाने लायक भी पैसे नहीं बचे थे।

व्यापारी की पत्नी ने सुझाव दिया कि पड़ोस के नगर में एक बड़े सेठ रहते हैं। वह दूसरों के पुण्य खरीदते हैं।

आप उनके पास जाइए और अपने कुछ पुण्य बेचकर थोड़े पैसे ले आइए, जिससे फिर से काम-धंधा शुरू हो सके।

पुण्य बेचने की व्यापारी की बिलकुल इच्छा नहीं थी, लेकिन पत्नी के दबाव और बच्चों की चिंता में वह पुण्य बेचने को तैयार हुआ। पत्नी ने रास्ते में खाने के लिए चार रोटियां बनाकर दे दीं।

व्यापारी चलता-चलता उस नगर के पास पहुंचा जहां पुण्य के खरीदार सेठ रहते थे। उसे भूख लगी थी।

नगर में प्रवेश करने से पहले उसने सोचा भोजन कर लिया जाए। उसने जैसे ही रोटियां निकालीं एक कुतिया तुरंत के जन्मे अपने तीन बच्चों के साथ आ खड़ी हुई।

कुतिया ने बच्चे जंगल में जन्म दिए थे। बारिश के दिन थे और बच्चे छोटे थे, इसलिए वह उन्हें छोड़कर नगर में नहीं जा सकती थी।
व्यापारी को दया आ गई। उसने एक रोटी कुतिया को खाने के लिए दे दिया।
कुतिया पलक झपकते रोटी चट कर गई लेकिन वह अब भी भूख से हांफ रही थी।

व्यापारी ने दूसरी रोटी, फिर तीसरी और फिर चारो रोटियां कुतिया को खिला दीं। खुद केवल पानी पीकर सेठ के पास पहुंचा।

व्यापारी ने सेठ से कहा कि वह अपना पुण्य बेचने आया है। सेठ व्यस्त था। उसने कहा कि शाम को आओ।

दोपहर में सेठ भोजन के लिए घर गया और उसने अपनी पत्नी को बताया कि एक व्यापारी अपने पुण्य बेचने आया है। उसका कौन सा पुण्य खरीदूं।

सेठ की पत्नी बहुत पतिव्रता और सिद्ध थी। उसने ध्यान लगाकर देख लिया कि आज व्यापारी ने कुतिया को रोटी खिलाई है।

उसने अपने पति से कहा कि उसका आज का पुण्य खरीदना जो उसने एक जानवर को रोटी खिलाकर कमाया है। वह उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ पुण्य है।

व्यापारी शाम को फिर अपना पुण्य बेचने आया। सेठ ने कहा- आज आपने जो यज्ञ किया है मैं उसका पुण्य लेना चाहता हूं।
व्यापारी हंसने लगा। उसने कहा कि अगर मेरे पास यज्ञ के लिए पैसे होते तो क्या मैं आपके पास पुण्य बेचने आता!

सेठ ने कहा कि आज आपने किसी भूखे जानवर को भोजन कराकर उसके और उसके बच्चों के प्राणों की रक्षा की है। मुझे वही पुण्य चाहिए।
व्यापारी वह पुण्य बेचने को तैयार हुआ। सेठ ने कहा कि उस पुण्य के बदले वह व्यापारी को चार रोटियों के वजन के बराबर हीरे-मोती देगा।

चार रोटियां बनाई गईं और उसे तराजू के एक पलड़े में रखा गया। दूसरे पलड़े में सेठ ने एक पोटली में भरकर हीरे-जवाहरात रखे।
पलड़ा हिला तक नहीं। दूसरी पोटली मंगाई गई। फिर भी पलड़ा नहीं हिला।

कई पोटलियों के रखने पर भी जब पलड़ा नहीं हिला तो व्यापारी ने कहा- सेठजी, मैंने विचार बदल दिया है. मैं अब पुण्य नहीं बेचना चाहता।

व्यापारी खाली हाथ अपने घर की ओर चल पड़ा। उसे डर हुआ कि कहीं घर में घुसते ही पत्नी के साथ कलह न शुरू हो जाए।

जहां उसने कुतिया को रोटियां डाली थी, वहां से कुछ कंकड़-पत्थर उठाए और साथ में रखकर गांठ बांध दी।

घर पहुंचने पर पत्नी ने पूछा कि पुण्य बेचकर कितने पैसे मिले तो उसने थैली दिखाई और कहा इसे भोजन के बाद रात को ही खोलेंगे। इसके बाद गांव में कुछ उधार मांगने चला गया।

इधर उसकी पत्नी ने जबसे थैली देखी थी उसे सब्र नहीं हो रहा था। पति के जाते ही उसने थैली खोली।
उसकी आंखे फटी रह गईं। थैली हीरे-जवाहरातों से भरी थी।

व्यापारी घर लौटा तो उसकी पत्नी ने पूछा कि पुण्यों का इतना अच्छा मोल किसने दिया ? इतने हीरे-जवाहरात कहां से आए ??
व्यापारी को अंदेशा हुआ कि पत्नी सारा भेद जानकर ताने तो नहीं मार रही लेकिन, उसके चेहरे की चमक से ऐसा लग नहीं रहा था।

व्यापारी ने कहा- दिखाओ कहां हैं हीरे-जवाहरात। पत्नी ने लाकर पोटली उसके सामने उलट दी। उसमें से बेशकीमती रत्न गिरे। व्यापारी हैरान रह गया।
फिर उसने पत्नी को सारी बात बता दी। पत्नी को पछतावा हुआ कि उसने अपने पति को विपत्ति में पुण्य बेचने को विवश किया।

दोनों ने तय किया कि वह इसमें से कुछ अंश निकालकर व्यापार शुरू करेंगे। व्यापार से प्राप्त धन को इसमें मिलाकर जनकल्याण में लगा देंगे।

ईश्वर आपकी परीक्षा लेता है। परीक्षा में वह सबसे ज्यादा आपके उसी गुण को परखता है जिस पर आपको गर्व हो।
अगर आप परीक्षा में खरे उतर जाते हैं तो ईश्वर वह गुण आपमें हमेशा के लिए वरदान स्वरूप दे देते हैं।

अगर परीक्षा में उतीर्ण न हुए तो ईश्वर उस गुण के लिए योग्य किसी अन्य व्यक्ति की तलाश में लग जाते हैं।

इसलिए विपत्तिकाल में भी भगवान पर भरोसा रखकर सही राह चलनी चाहिए। आपके कंकड़-पत्थर भी अनमोल रत्न हो सकते हैं।

   *न डर रे मन दुनिया से*
   *यहाँ किसी के चाहने से नहीं*
   *किसी का बुरा होता है,*
   *मिलता है वही, जो हमने बोया होता है,*
   *कर पुकार उस प्रभु के आगे.. क्योकि सब कुछ उसी के बस में*
.  *होता है।।*

   🌹🙏🏻🚩 *जय सियाराम* 🚩🙏🏻🌹

Tuesday, February 26, 2019

What is Insurance | Benefits & Types of Insurance in Hindi -

What is Insurance? Types of Insurance? Benefits of Insurance? इंश्योरेंस से सम्बंधित और भी बहुत से सवाल है जो अक्सर कई बार परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। अगर हम इन्ही सवालों को हिन्दी में देखे तो होते है , इंश्योरेंस क्या है? इंश्योरेंस के प्रकार? इंश्योरेंस के फायदे? हमें इंश्योरेंस की भी जानकारी होनी जरूरी है। इंश्योरेंस हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी है। इसका लाभ हर व्यक्ति को उठाना चाहिए। 

इन्सान की जिंदगी पूरी तरह से जोखिम (Risk) से भरी हुई हैं। कब क्या हो जाये, किसी को बता नहीं। तो ऐसे में हम अपने जीवन को किसी जोखिम (Risk) से बचाने (Secure करने) के लिए इंश्योरेंस करवाते हैं। तो अगर आप इंश्योरेंस के बारे में जानकारी चाहते हैं , तो आप बिलकुल सभी पोस्ट पर आये हैं। क्यूंकि मैं आपको इस पोस्ट में बताऊंगा कि इंश्योरेंस क्या हैं? इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं? इंश्योरेंस के फायदे? हमें इंश्योरेंस करवाना चाहिए या नहीं? 

What is Insurance ? (इंश्योरेंस क्या हैं?)

इंश्योरेंस को अगर हम आसान सब्दों में समझे तो इसका मतलब है, "Insurance is a means of Protection from Financial Loss." अर्थात किसी वित्तीय हानि से बचने के लिए किया गया प्रयास को इंश्योरेंस कहते हैं। हिन्दी में इंश्योरेंस को बीमा भी कहते हैं। अपने जीवन को या संपत्ति को किसी वित्तीय हानि से बचने के लिए हमें इंश्योरेंस करवाना चाहिए। इंश्योरेंस करवाने से हमारी Life और Property, Risk से Secure हो जाती हैं। आप जिनसे इंश्योरेंस लेते है, वो Insurer कहलाता हैं। और जो इंश्योरेंस खरीदता या करवाता हैं, वो Insured या Policy Holder कहलाता हैं। 


इंश्योरेंस करवाने के बाद अगर इन्सान के जीवन में या संपत्ति में हानि होती है, तो वो इन्सान इंश्योरेंस कंपनी में Claim कर, अपने नुकसान या हानि का हर्जाना (Compensation) मांग सकता हैं। ऐसे में उस व्यक्ति को वित्तीय मदद मिल जाती हैं। चलिए अब जानते हैं, इंश्योरेंस के फायदे। इंश्योरेंस करवाने के क्या फायदे हो सकते हैं। 

Benefits of Insurance ? (इंश्योरेंस के फायदे)

इंश्योरेंस के अपने अनेक फायदे हैं। हर इन्सान को इंश्योरेंस करवाना चाहिए, क्यूंकि ये Risk से Protection दिलाती हैं। और सिर्फ इसलिए ही नहीं, बल्कि इसके और भी अनेक फायदे हैं। जो आप निचे पॉइंट्स में पढ़ सकते हैं। :- 

1) आप किसी भी चीज क बीमा करवा सकते हैं। और अगर वो ख़राब या दुर्घटना ग्रस्त हो जाती है, तो इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उसकी भरपाई हो जाती हैं। 

2) अगर दुर्घटना में इन्सान को काफी गंभीर चोटें आई हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उसकी पालिसी की मदद से अस्पताल का पूरा खर्च उठाया जाता हैं। 

3) वित्तीय हानि (Financial Loss) को कई गुणा तक कम करने में योगदान करता हैं। 

4) Vehicle जैसे कि :- बाइक, कार, आदि के एक्सीडेंट होने पर उसकी भरपाई करना। 

5) व्यक्तिगत आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना। 

6) Commercial, Industrial, और Community को Financial Stability प्रदान करना। 

7) मानसिक शान्ति और सुरक्षा प्रदान करना। 


Types of Insurance (इंश्योरेंस के प्रकार)

इंश्योरेंस क्या हैं? ये हम ने सीख लिया। इंश्योरेंस के फायदे भी हमने सीख लिये। अब हम सीखेंगे इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं। वैसे तो इंश्योरेंस कई प्रकार के होते हैं। और सभी प्रकार को एक पोस्ट में बताना या समझाना मुस्किल होगा। पर हम सभी जरूरी और महत्पूर्ण प्रकार को इस पोस्ट मे बताएँगे। तो चलिए देख लेते हैं कि इंश्योरेंस कितने प्रकार के होते हैं। :- 

1) Life Insurance (जीवन बीमा)

लाइफ इंश्योरेंस यानी जीवन बीमा। अपने जीवन को किसी वित्तीय हानि (Financial Risk) से बचाने के लिए, किया गया इंश्योरेंस Life Insurance यानी जीवन बीमा कहलाता हैं। Life Insurance यानी जीवन बीमा करवाने से, अगर कभी व्यक्ति किसी दुर्घटना में घायल हो जाता है या काफी ज्यादा गंभीर चोटें आ जाती हैं। तो ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उस व्यक्ति की हॉस्पिटल में पूरा खर्च उठाया जाता हैं। 

और अगर दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु हो जाती हैं तो उसके परिवार में से Nominee (नॉमिनी) को इंश्योरेंस कंपनी द्वारा, Terms & Conditions के अनुसार एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाता हैं। लेकिन ये राशि उतनी ही दी जाएगी जितनी उस व्यक्ति ने इंश्योरेंस पालिसी करवाया होगा। इन्सान के जीवन का कोई भरोसा नहीं होता इसलिए अधिकतर लोग अपने परिवार के लिए इस इंश्योरेंस को लेते हैं। ताकि उनके जाने के बाद उसके परिवार को पैसो की दिक्कत न हो। और उसकी मदद हो सके। 

लाइफ इंश्योरेंस के कुछ प्रकार :- 

        i) Term Insurance (टर्म इंश्योरेंस)

       ii) Endowment Insurance Policy (एंडोमेंट इंश्योरेंस पालिसी)

      iii) ULIP - Unit Linked Insurance Policy (यूलिप)

      iv) Money Back Policy (मनी बेक पालिसी)

2) General Insurance (जेनेरल इंश्योरेंस)

जेनेरल इंश्योरेंस को हम Vehicle Insurance (व्हीकल इंश्योरेंस) भी कहते हैं। इसमें हम अपने गाड़ियों जैसे :- बाइक, कार, ऑटो, ट्रेक्टर, ट्रक, बस, आदि किसी भी प्रकार की गाड़ियों का इंश्योरेंस करवा सकते हैं। अगर किसी दुर्घटना में हमारे गाड़ियों को नुकसान पहुचती हैं, तो ऐसे में हम इंश्योरेंस कंपनी द्वारा इसकी हर्जाना (Compensation) मांग सकते हैं। और कंपनी अपने Terms & Conditions के अनुसार हमें हर्जाना देती हैं। व्हीकल इंश्योरेंस दो प्रकार की होती है। 

       i) Third Party Insurance :- इस इंश्योरेंस में अगर आपकी गाडी से दुर्घटना होती है, और सामने वाली गाडी और ड्राईवर को नुकसान होता हैं, तो ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी उनकी पूरी भरपाई करके देती हैं। लेकिन आपके गाडी या आपको नुकसान होने पर किसी प्रकार का Claim नहीं देती। इसलिए इसे Third Party Insurance कहते हैं। 

      ii) Full Party Insurance :- इस इंश्योरेंस में दुर्घटना होने पर सभी के नुकसान जैसे :- गाडी, ड्राईवर, सामने वाली गाड़ी और ड्राईवर, आदि की भरपाई इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा की जाती हैं। इसमें दोनों पार्टी के नुकसान को कंपनी द्वारा भरपाई किया जाता हैं, इसलिए इसे Full Party Insurance कहते हैं। Full Party Insurance को Standard Motor Insurance भी कहते हैं। 


3) Health Insurance (हेल्थ इंश्योरेंस)

Health Insurance को स्वास्थ्य बीमा भी कहते हैं। ये बीमा भी जीवन बीमा की तरह ही होती हैं। पर उससे काफी अलग है। आप इस बीमा को अपने Income के base पर खरीद सकते हैं। मतलब व्यक्ति के आमदनी के हिसाब से स्वास्थ्य बीमा खरीदी जाती हैं। व्यक्ति अपने मेडिकल और सर्जिकल खर्चों को इस बीमा से बचा सकता हैं। अगर व्यक्ति बीमार हैं, या सर्जरी करवानी है या मेडिकल ट्रीटमेंट चल रही हैं तो स्वास्थ्य बीमा करवाने से इन सभी के बिल का भुगतान करने में मदद मिलती हैं। इसलिए ये बीमा भी इन्सान के लिए जरूरी होती हैं। 


4) Crop & Farmer Insurance (क्रॉप और फार्मर इंश्योरेंस)

ये इंश्योरेंस किसानो के लिए बहुत महत्पूर्ण होती हैं। वैसे तो मौसम का कोई भरोसा नहीं होता, कभी बरसात होती हैं तो कभी नहीं। ऐसे में फसल के नुकसान होने का खतरा बढ़ जाती हैं। तो अगर इंसान क्रॉप इंस्योरेंस या फार्मर इंस्योरेंस खरीदता है, तो फसल में होने वाली नुकसान का Risk कम हो जाती हैं। क्रॉप इंस्योरेंस या फार्मर इंस्योरेंस लेने के बाद अगर व्यक्ति के फसल में नुकसान होता है, तो इंस्योरेंस कंपनी Terms & Conditions के अनुसार इसकी भरपाई करेगी। इसलिए हर किसान के लिए ये इंस्योरेंस जरूरी होती है।

Other Insurance

5) Home Insurance

6) Travel Insurance

7) Liability Insurance

8) Pet Insurance

9) Fire Insurance

10) Property Insurance

11) Flood Insurance

12) Deposit Insurance

13) Shipping Insurance

14) Credit Insurance

15) Mortgage Insurance

16) Etc.


(CCC कंप्यूटर कोर्स क्या हैं)

What is CCC Computer Course (CCC कंप्यूटर कोर्स क्या हैं)

CCC कंप्यूटर का ही एक कोर्स हैं, जिसका पूरा नाम है Course on Computer Concepts. CCC Course राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (National Institute of Electronic & Information Technology) द्वारा संचालित किया जाता है। जिसे हम NIELIT के नाम से जानते हैं। NIELIT के द्वारा पूरे साल हर महीने CCC Exam करवाई जाती हैं। नाइलिट से पहले सीसीसी कोर्स DOEACC (Department of Electronics Accreditation of Computer Course) द्वारा कराए जाते थे, पर अब इसे NIELIT कराती हैं।


इस कोर्स में कंप्यूटर की बेसिक जानकारी दी जाती है। अगर आप किसी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे है, तो आप CCC जरूर करें। इससे आपको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी हो जाएगी जो किसी भी सरकारी नौकरी के लिए जरूरी होती है। आप इस कोर्स को करने के लिए डायरेक्ट नाइलिट की आधिकारिक वेबसाइट से अप्लाई कर सकते हैं। जिसके बाद आप मार्केट से CCC की Book खरीद पढ़ाई करके इसका Exam दे सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो किसी Institute से भी अप्लाई कर सकते हैं।

Full Form of CCC

 COURSE ON COMPUTER CONCEPTS 




CCC कोर्स कैसे करें

CCC कंप्यूटर कोर्स, आप 2 तरीको से कर सकते हैं। पहला तरीका हैं, डायरेक्ट नाइलिट  के आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन अप्लाई करें। इसमें आपको ₹. 500/- + GST Exam Fees के रूप में देना होता है। और दूसरा तरीका है, NIELIT से मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट या संस्थान में जा कर इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के 2 से 3 महीने बाद सीसीसी का एग्जाम होता है।



मैं आपको यही एडवाइस दूंगा कि आप डायरेक्ट NIELIT की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन अप्लाई करें, और स्वंय तैयारी कर एग्जाम दें। इससे आपका समय और पैसा दोनो बचेगा। अगर आप किसी संस्थान से अप्लाई करते हैं, तो आपको हर दिन 3 से 4 घंटे का समय देना होगा और साथ मे संस्थान की फीस के रूप में ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। आप स्वंय से अप्लाई कर बाजार से सीसीसी की बुक खरीद एग्जाम की तैयारी भी कर सकते हैं।


स्वंय से अप्लाई करने के लिए NIELIT की आधिकारिक वेबसाइट student.nielit.gov.in पर जाना होगा। और CCC कोर्स के Exam के लिए CCC Course Online Registration करना होगा। और स्वंय पढ़ाई कर सीसीसी कोर्स का ऑनलाइन एग्जाम देना होगा। CCC Exam की कुछ महत्पूर्ण बातें :-

1) शैक्षिक योग्यता : 10th / High School.

2) परीक्षा फीस : ₹. 500 /- + GST.

3) परीक्षा समय : हर महीने की पहली शानिवार को।

4) परीक्षा स्थल : NIELIT द्वारा विशेष रूप से प्राधिकृत संस्थानों (Authorised Centre).

5) परीक्षा अवधि : 90 मिनट।

CCC Computer Course Syllabus

1) Introduction of Computer.

2) Introduction of GUI Operating System.

3) Elements of Word Processing.

4) Spreadsheets.

5) Computer Communication And Internet.

6) WWW And Web Browser.

7) Communication And Cooperation.

8) Creation of Small Presentation.


तो दोस्तों, अब आपको CCC के बारे में पूरी जानकारी हो गई होगी। आप जान गए होंगे कि CCC क्या हैं? CCC कैसे करें? CCC की फुल फॉर्म? उम्मीद करता हूँ की आपको पोस्ट पसंद आई होगी। और मेरे बताये गए सभी बाते आपको समझ में भी आ गयी होंगी। अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है। पोस्ट पसंद आई हो तो प्लीज इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें।

Wednesday, February 20, 2019

रूपये कैश के बिना कैशलेस पेमेंट कैसे करे जाने

रूपये कैश के बिना कैशलेस पेमेंट कैसे करे जाने

Cashless Online Payment kaise Kare Tarike Jane | Know Cashless Online Payment In Hindi 

भ्रष्टाचार | Corruption से लड़ने के लिए हमारे भारत देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी | PM Narendra Modi ने नोटबंदी यानि 500 और 1000 रूपये के पुराने नोट बंद करने का जब से एलान किया है तब से लोगो को कही न कही रूपये न मिलने के कारण कई प्रकार के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे Cash की समस्या को देखते हुए लोगो ने अब ऑनलाइन पेमेंट | Online Payment, डेबिट कार्ड | Debit Card, क्रेडिट कार्ड Credit Card, रुपेकार्ड |Rupaycard, ई-वालेट | E-Wallet और विभिन्न प्रकार के मोबाइल एप्प जैसे Paytm, Freecharge का सहारा ले रहे है ऐसे में अब इन सभी सभी साधनो का उपयोग कैसे करते है इसे जानना जरुरी हो जाता है

”अब हमे बटुए रखने की जरूरत नही है अब हमारा मोबाइल ही हमारा बैंक ब्रांच बन चूका है इसका उपयोग करना सभी नौजवान अपने आस पास के लोगो को भी सिखाये” – नरेंद्र मोदी / Narendra Modi

इसे भी पढ़े  – नरेन्द्र मोदी के अनमोल वचन और विचार Narendra Modi Quotes

ऐसे में हम उन देशो का नाम भी आप सबको बता रहे है जो की आज के समय में उनके देश में नकद यानि Cash में लेनदेन नाममात्र का होता है वहा की पूरी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से Cashless हो चुकी है जिसके कारण उन देशो में भ्रष्टाचार पर भी बहुत अच्छे तरह से नियन्त्रण लगा है

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विश्व के 5 बड़े नोटरहित देश | Top 5 Cashless Country In Hindi –

आईये जानते है विश्व के वे 5 वो देश जो की Cashless Payment में Top 5 Cashless Country माने जाते है
1 – स्वीडन / Sweden – 97% Cashless
मतलब स्वीडन में 3% ही Currency में Payment होता है बाकि Payment पूर्णरूप से अनेक प्रकार के ऑनलाइन तरीको से किया जाता है
2-  बेल्जियम / Belgium – 93% Cashless
बेल्जियम का कैशलेस पेमेंट में विश्व में दूसरा स्थान है
3 – फ्रांस / France – 92% Cashless
फ्रांस भी अपनी तकनीकी सहायता से Cashless Payment की दिशा में बहुत ही तेजी से बढ़ता हुआ देश है और इसका Cashless Payment और Online Payment करने में तीसरा स्थान है
4 – कनाडा / Canada – – 90% Cashless
फ्रांस के बाद कैशलेस भुगतान में कनाडा का चौथा स्थान आता है
5 – ब्रिटेन / Briten – 89% Cashless
ब्रिटेन भी अपनी विकसित टेक्नोलॉजी की बदौलत विश्व के Top Five Cashless Country में 5वा स्थान रखता है
और भारत / India – – 14% Cashless यानी 86% आज भी सारी लेनदेन Cash में होता है यानी हमारे देश भारत में नाममात्र का ही Online Payment किया जाता है जो की बहुत ही सोचनीय है

इसे भी पढ़े  –लकी ग्राहक योजना और डीजी धन व्यापार योजना

अब सभी यही सोच रहे होंगे की Cashless होने के क्या फायदे है तो सबसे पहले हमे ये जान लेना चाहिए की इन नोटों को छापने के लिए भी हमारे अरबो खरबों रुपयों का नुकसान होता है जो इसमें कागज प्रयोग होता है वो भी कागज हमे इन पेड़ो से ही मिलता है ऐसे में नोटों के न होने से इन पेड़ो की कटाई भी रुक जायेगी, दूसरा सबसे बड़ा फायदा हमे यह है की हमे अपने पैसो की हिफाजत करने की चिंता से मुक्ति मिल जायेगी क्यू की खातो में पैसे रखने से हमारे पैसो की हमेसा सुरक्षा बनी रहती है
अब जानते है ऑनलाइन कैशलेस पेमेंट | Cashless Payment Karne ke Tarike के बारे में

डेबिट कार्ड 

Debit Card in Hindi

आजकल हर बैंक अकाउंट | Bank Account खुलवाने पर ATM से पैसे निकालने के लिए बैंको द्वारा Debit Card दिया जाता है जिसका उपयोग हम Cashless Payment के रूप में भी कर सकते है इस विधि के लिए हमारे पास बैंक में हमारा Account होना चाहिए फिर इसके बदले में मिलने वाले Debit Card का उपयोग हम जब भी कही ऑनलाइन पेमेंट करते है तो इसके लिए हमे सिर्फ Debit Card और इसका Password याद रखना होता है और जब भी कही हम Shopping करते है तो वहा लगी स्वाइप मशीनो | Swipe Machine के द्वारा हम अपना पेमेंट खुद से कर सकते है लेकिन हमे इस बात का ध्यान रखना चाहिए की अपना Password खुद से टाइप करे न की बताकर. इससे हमारे अकाउंट में रखे पैसो की सुरक्षा बनी रहती है इसके अतिरिक्त Debit Card का उपयोग अपने घर बैठे ऑनलाइन पेमेंट जैसे बिजली, Dish Recharge, Mobile Recharge, Online Shopping और अन्य सभी भुगतान के रूप में जो Online Payment लेते है उनमे कर सकते है

क्रेडिट कार्ड क्या है 

Credit Card in Hindi

अक्सर लोगो के मन में Credit Card और Debit Card को लेकर दुबिधा बनी रहती है की आखिर दोनों में फर्क क्या है तो सबसे पहले हमे जान लेना चाहिए की Debit Card हमारे खाते में रखे पैसो के निकालने के दिया जाता है जबकि Credit Card Processing हम बैंको द्वारा एक तरह से लोन दी जाने वाली राशी है जो पर Credit Card Payment Gateway के लिए एक Amount निश्चित किया जाता है जिसका उपयोग हम निर्धारित समय में कर सकते है फिर इन पैसो का उपयोग करने के बाद हम Credit Card का Payment करना होता है तो Debit Card की तरह Credit Card का भी ऑनलाइन पेमेंट के रूप में किया जाता है

ई-वालेट

E-Wallet

पहले लोग वॉलेट यानि बटुए को अपने पॉकेट में रखते थे लेकिन आजकल इसी बटुए को अब मोबाइल में भी रख सकते है जिसे ई-वालेट / E-Wallet कहते है इसके लिए हमारे पास खुद का एक बैंक अकाउंट होना जरुरी है और अपने बैंक अकाउंट के साथ अगर Intennetbanking का प्रयोग करते है तो हमारे लिए और भी अच्छा है
Online Net Banking Karne ke Best Tips in Hindi
ई-वालेट / E-Wallet के लिए हमारे पास एक Smartphone के साथ उसमे Net Connectivity यानि Interent Facility भी होना जरुरी है जो आजकल लगभग सभी युवाओ के पास होता है तो अपने मोबाइल के Playstore में जाकर हमे Paytm, Freecharge, Mowikwik, Novapay या Payumoney जैसे App Download कर सकते है जिनके द्वारा इनमें से किसी App को Activate करने के बाद हमारा मोबाइल एक चलता फिरता बैंक या ई-वालेट / E-Wallet के रूप में तैयार है
तो आप जिस क्षेत्र में रह रहे है वहा पर पता करे की लोग कौन सा App ज्यादा Use कर रहे है उसके हिसाब से अपना ई-वालेट / E-Wallet Activate करे
तो आप सबको इस समय सबसे ज्यादा Use होने वाले Paytm के बारे में बताएँगे

Paytm क्या है Paytm Karo, Paytm Kya Hai | Paytm Details In Hindi

आजकल टीवी में Paytm Karo वाला प्रचार खूब सुनते है Paytm नोटबंदी के बाद सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला Mobile App बन चुका है हर गली चौराहे चायवाले से लेकर बड़े बड़े दुकानदार इसका उपयोग कर रहे है तो Paytm का उपयोग कैसे करते है ये जानना जरुरी हो जाता है
Paytm एक Mobile App Application है जिसकी सहायता से पहले अपना Mobile Recharge करते थे लेकिन 2016 में Paytm E-Commerce Company बन गयी है जिसकी सहायता से अब हम इसमें अपना पैसा Online रख सकते है

Paytm Kaise Use Kare | Paytm कैसे उपयोग करे | Paytm Kaise Karte Hai | Paytm Kaise Use Kare In Hindi–

Paytm एक ऐसा Mobile App बनाया गया है जिसको हर कोई आसानी से समझ सकता है इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में आप Paytm App Download कर ले
Paytm Download करने और Paytm में Id बनाने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करे  – 

Paytm पर ID बनांने  के लिए Click क्लिक करे 

Paytm App Download करने के Click लिए करे 

इसके बाद अब अपने Mobile Number द्वारा Paytm में अपना Account बना ले इसके बाद Paytm App के अंदर ढेरो सारे Option देखने को मिलेगे जिसमे My Wallet Option भी दिखाई देगा जिसमे हम अपने Debit Card, Credit Card या Internetbanking से Add Money Option से जितना चाहे उतना पैसा जमा कर सकते है नोटबंदी के चलते Paytm की जमा करने की Paytm Wallet Amount अब बढाकर 20000 रूपये कर दी गयी है यानी अब हम Paytm में 20000 रूपये तक जमा कर सकते है
इसके बाद जब आपके Paytm के Wallet में पैसे Transfer कर लेते है तो अब हमारा Paytm Online Payment के लिए तैयार है अब चाहे आप कही भी जाए तो तो कौन सा दुकानदार Paytm Use करता है या तो खुद पूछ सकते है या फिर इसके लिए खुद आपका Paytm आपकी Help करेगा इसके लिए आपको Paytm के Paytm Nereby Option में जाए फिर Location Details से उस Area की सभी Paytm Use करने वालो सभी दुकानों की List आपके मोबाइल फोन में होगी जिससे आप आसानी से Shopping कर सकते है
Paytm के सबसे बड़े दो फायदे यही है पहला एक तो इसके उपयोग में किये गये पैसे के लिए कोई हमे Surcharge नही देना पड़ता है और दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है की Paytm द्वारा हमारे उपयोग के उपर Paytm Cashback भी मिलता है यानी हमे इसका उपयोग करने पर कुछ धनराशी भी Paytm द्वारा हमारे Wallet में दिया जाता है और इसके अलावा Paytm Promo Code / Paytm Offers / Paytm Coupons/ Paytm Recharge / Paytm App द्वारा भी बहुत सारी छुट प्राप्त कर सकते है
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और जब चाहे तब Paytm में जमा पैसे को किसी बैंक में न जाकर खुद से अपने Bank Account में Transfer कर सकते है
तो आप सभी को Cash की समस्या के चलते Cashless और Online Payment के बारे में बताये गये Online Payment kaise Kare पोस्ट कैसा लगा या इससे सम्बन्धित कोई आप जानकारी चाहते है तो कमेंट बॉक्स में जरुर पूछे और अपनी राय भी जरुर दे

ATM Card और Netbanking से ऑनलाइन पेमेंट कैसे करे

ATM Card और Netbanking से ऑनलाइन पेमेंट कैसे करे

आज कल Online Payment काफी बढ़ गया है लेकिन अभी भी ऐसे लोग है जिन्हें Online Payment कैसे करते है इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है l अगर आपने अभी तक ऑनलाइन पेमेंट नहीं किया है तो आप इस लेख को पढ़ जान सकते है कि हम Online Payment कैसे कर सकते है l आज कल ऑनलाइन शोपिंग साईट जैसे Snapdeal , Flipkart , Amazon , ebay में शोपिंग का प्रचलन काफी बढ़ गया है l
इन साईट से आप अपने घर बैठे किसी भी चीज को खरीद सकते है l वैसे तो इन साईट पेमेंट के दो ऑप्शन होते है 1. Cash On Delivery 2. Online Payment l अगर किसी साईट में आपको Cash On Delivery का ऑप्शन नहीं मिलता तो आपके पास दूसरा ऑप्शन ऑनलाइन पेमेंट का बचता है l ऑनलाइन पेमेंट को अपने ATM या फिर Netbanking से कर सकते है l तो हम आपको ATM या Netbanking से पेमेंट कैसे करते है इसके बारे में बता रहे है l

नेटबैंकिंग से Online Payment कैसे करे 7

नेटबैंकिंग से पेमेंट करने के लिए आपको अपने Bank Account में Netbanking Activate करवाना पड़ेगा l अगर आपने पहले से Activate करवा रखा है तो आपको इससे पेमेंट कैसे करते है ये भी पता होगा क्योंकि नेटबैंकिंग को ऑनलाइन पेमेंट के लिए ही Activate करवाया जाता है 

lNetbanking कैसे एक्टिव करे ? अगर आप अपने बैंक एकाउंट में Netbanking एक्टिव करवाना चाहते है तो आप Netbanking को बैंक में जाकर या फिर अपने घर बैठे अपने कंप्यूटर से भी एक्टिव कर सकते है l हमने इसके बारे में भी लिखा है l तो आप इस वेबसाइट के सर्च बॉक्स में इसे सर्च करके इसके बारे में भी पढ़ सकते है l

जब आपका Netbanking चालू हो जायेगा तो आपके पास एक Username और एक password होगा l जब आप किसी शोपिंग साईट में पेमेंट के लिए जायेंगे तो आपको Netbanking का ऑप्शन चुनना है l उसके बाद जिस भी बैंक में आपका Account है उसके पर क्लिक करना है l जब भी आप पेमेंट के ऑप्शन पर जायेंगे तो आपको आपकी बैंक के पेज में भेज दिया जायेगा l जहाँ आपको Username और Password डालकर पेमेंट को कन्फर्म करना है l इसके बाद आपका पेमेंट हो जायेगा l

ATM से Online Payment कैसे करे

हमारे देश में तीन तरह के ATM कार्ड सबसे ज्यादा यूज़ किये जाते है l जिनमे VISA MAESTRO और RUPAY कार्ड शामिल है l वैसे VISA और MAESTRO से एक जैसे ही पेमेंट होता है लेकिन रूपए कार्ड का पेमेंट सिस्टम थोड़ा अलग होता है l

visa / maestro card से Online Payment कैसे करे

जब हम पहली बार पेमेंट करते है तो कार्ड की पूरी डिटेल भरने के बाद दो ऑप्शन आते है जिसे आप नीचे दी गयी इमेज में देख सकते है l
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1. पहले ऑप्शन में आपको एक Password Generate करना होता है l इस पासवर्ड को Generate करने के बाद आपको मोबाइल में आने वाले OTP की जरुरत नहीं पड़ेगी l तो जब भी आप शोपिंग करेंगे तो आपको अपने मोबाइल की जरुरत नहीं पड़ेगी l बस आपको इस पासवर्ड को डालना पड़ेगा l तो जब भी आप पहले ऑप्शन को चुनेगे तो नीचे दी गयी इमेज की तरह दिखेगा पेज खुलेगा जिसमे आपको पासवर्ड बनाना है l
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2. दुसरे ऑप्शन में आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा जिसे आपको कन्फर्म करना होता है l तो जब भी आप पेमेंट करेंगे तो हर बार एक नया OTP आएगा l

रूपए डेबिट कार्ड से Online Payment कैसे करे

रूपए डेबिट कार्ड से पेमेंट की प्रोसेस थोड़ी अलग होती है क्योंकि इसमें आपको पासवर्ड या OTP की जरुरत नहीं होती है l तो इसमें आपको एक इमेज सेलेक्ट करना होता है l जो की नीचे इमेज में बताया गया है l जिस इमेज को आपने अभी सेलेक्ट किया है वही इमेज आपको अगले बार सेलेक्ट करना है l तो इसके बाद आपको अपना ATM Pin डालना है l 
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अपना ATM Pin डालते ही आपका पेमेंट कम्पलीट हो जायेगा l तो अब आपको पता चल गया होगा कि VISA Card और RUPAY Card में पेमेंट सिस्टम थोड़ा अलग है l VISA Card में हमें पासवर्ड या OTP की जरुरत पड़ती है जबकि RUPAY Card में Pin नंबर डालना पड़ता है l

*मृत्यु*

*मृत्यु* जब कोई इंसान इस दुनिया से विदा हो जाता है तो उसके कपड़े, उसका बिस्तर, उसके द्वारा इस्तेमाल किया हुआ सभी सामान उसी के साथ तुरन्त घ...